वाराणसी (ब्यूरो)। हृदयाघात देखभाल परियोजना (स्टेमी केयर प्रोजेक्ट) के तहत ही मानसिक अस्पताल पांडेयपुर के पीछे एक नए क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 100 बेड होंगेयह यूनिट गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज को बनाई जा रही हैइसमें सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगीकिसी मरीज को बीएचयू या अन्य जिले के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक डाङ्क्षपकी जोवल ने सीएमओ डासंदीप चौधरी से 100 बेड की यूनिट बनाने के लिए प्रपोजल ले लिया हैसाथ ही कागजी कार्रवाई पूरा करने करने के लिए बोल दिया हैआजकल युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैइसके मद्देनजर सरकार ने इस यूनिट के निर्माण के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने वाली है और यह यूनिट जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगीइस यूनिट के बनने से मरीजों को बहुत लाभ होगा, उन्हें तुरंत चिकित्सा मिलेगी और उनकी जान बचाई जा सकेगी। 24 घंटे डाक्टरों और नर्सों की एक टीम तैयार की जा रही है, जो मरीजों की देखभाल करेगी

-------------

क्रिटिकल केयर यूनिट के फायदे

तुरंत चिकित्सा : मरीजों को तुरंत चिकित्सा मिलेगी, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी

उच्च स्तर की चिकित्सा : मरीजों को उच्चस्तर की चिकित्सा प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी स्थिति में सुधार होगा

विशेषज्ञ डाक्टरों और नर्सों की टीम : मरीजों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डाक्टरों और नर्सों की टीम तैयार की जाएगी

क्रिटिकल केयर यूनिट का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यहां मरीजों को तुरंत और उच्चस्तर की चिकित्सा प्रदान करती है, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगीयह यूनिट शहर के लोगों के लिए एक वरदान साबित होगी

-डॉसंदीप चौधरी, सीएमओ