वाराणसी (ब्यूरो)। बिजलीकर्मियों के हड़ताल का असर औद्योगिक क्षेत्र रामनगर में दिखने लगा है। गुरुवार की शाम से गई बिजली शुक्रवार को दोपहर में आई। करीब 20 घंटे विद्युत कटौती से उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया। करोड़ों का नुकसान हुआ। फिलहाल उद्यमियों का कहना है कि रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से काफी नुकसान हुआ.
अफसरों के मोबाइल बंद
औद्योगिक क्षेत्र रामनगर में बिजली चले जाने से फैक्ट्रियों का प्रोडक्शन पूरी तरह से ठप हो गया। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 300 से अधिक इकाइयां बताई जा रही है। इन औद्योगिक इकाइयों में गुरुवार की शाम करीब 5 बजे बिजली चली गई जोकि शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे आई। तब तक फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप रहा। इसके चलते करोड़ों का नुकसान हुआ। बिजली चले जाने पर उद्यमी बिजली विभाग के अफसरों के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल उनका बंद रहा।
कोई विकल्प नहीं
यही हाल चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया में रहा। दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही। वहां पर फैक्ट्रियों में उत्पादन पर काफी असर पड़ा। फिलहाल रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों का कहना है कि रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में कोई विकल्प न होने की वजह से उद्यमी एक ही बिजली विभाग सब स्टेशन पर निर्भर है। उसमें आए दिन ट्रिपिंग की समस्या होती रहती है.
उद्यमी हुए एकजुट
बिजली विभाग की चरमराई व्यवस्था से नाराज उद्यमी एकजुट हुए और कहा कि बिजली कटौती से उद्योगों पर काफी असर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के उद्यमियों ने कमर कस ली परंतु विद्युत कर्मियों की हड़ताल से उत्पन्न औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की दुव्र्यवस्था से पार पाना मुश्किल है.
करोड़ों रुपए राजस्व देने के बाद यह हाल
पूर्वांचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र रामनगर में गुरुवार रात से ही विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। पूरी रात ट्रिपिंग से औद्योगिक उत्पादन बाधित रहा। करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाले इन क्षेत्र में विद्युत कर्मियों की हड़ताल के बाद इसकी सुध लेने वाला कोई सक्षम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के मोबाइल बंद पड़े हैं। उद्यमी असहाय हैं.
औद्योगिक क्षेत्र में हो बिजली की व्यवस्था
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि प्रोडक्शन बाधित न हो। इस अवसर पर आईआईए के फूड कमेटी के चेयरमैन दीपक बजाज, मंडल अध्यक्ष नीरज पारीख, प्रशांत अग्रवाल, अनुपम देवा, ओपी बदलानी, दयाशंकर मिश्रा, राकेश जायसवाल, रतन सिंह ने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है.