वाराणसी (ब्यूरो)। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों के साथ अब स्मार्ट सिटी बनारस में भी आई फ्लू का खतरा बढ़ रहा है। यहां हर रोज इस बीमारी से पीडि़त होकर लोग सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो हर तीसरा-चौथा व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ रहा है। सोशल मीडिया पर अब आई फ्लू को लेकर भी चर्चाएं होने लगी हैं। जहां सोशल मीडिया पर खुरापात मचाने वाले यूजर्स इस बीमारों का भी मजाक बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं अनाप-शनाप बातें और रूमर फैलाने वाले वाट्सएप यूनिवर्सिटी पर भी लोग बीमारी से बचाव और उपाय को लेकर ज्ञान बांट रहे हैं.
ज्योति, सीमा शांत तो आंखों पर उठी बात
हमेशा नई-नई घटनाओं और टॉपिक्स पर सोशल मीडिया पर छाए रहने के लिए यूजर्स कुछ न कुछ टॉपिक्स ढूढ़ ही लेते हंै। पहले ज्योति मौर्या, फिर महंगे होते टमाटर और पाकिस्तान से पबजी खेलते हुए भागकर भारत आई सीमा हैदर का मामला कुछ शांत हुआ तो अब लोगों को आई फ्लू का नया मसाला मिल गया है। ज्योति और सीमा का मजाक बनाने वाले इस बीमारी का भी मजाक बना रहे हैं। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि प्लेटफार्म पर कोई रील तो कोई फोटो और मैसेज के जरिए मजाक बना रहा है। चलिए बताते हैं कौन क्या लिख रहा है.
सोनल तिवारी अपने फेसबुक वाल पर रील शेयर करते हुए कहती हैं कि मुझे आई फ्लू हो गया है, मम्मी ने कहा चश्मा लगाकर जाओ नहीं तो दूसरों की आंखें लाल हो जाएंगी.
वहीं नरेन्द्र कसेरा लिखते हैं कि पहले नजर से नजर मिलाने पर प्यार होता था और अब प्यार की जगह आई फ्लू हो रहा है.
सुमीत गहलोत लिखते हैं कि कोरोना काल में पहरा था एक-दूसरे से मिलने पर, अब सुना है नजरें मिलाना भी गुनाह हो गया है.
हरीश नारायण वीडियो शेयर करते हुए इससे बचने के लिए घरेलू उपाय बता रहे हैं। वे कह रहे हैं कि आलू उबालकर उसका छल्ला बनाकर आंखों के ऊपर रख लीजिए। अलग-अलग चश्मा का इस्तेमाल करें.
जितेन्द्र कुमार लिखते हैैं कि कोरोना के साथ मास्क लगाने का समय भी चला गया। अब चश्मा लगाने का दौर चल रहा है.
वहीं संदीप केशरी कार्टूनिस्ट फोटो शेयर करते हुए लिखते हैं कि गुलाबी आंखें जो तेरी देखी मुझे कंजंक्टिवाइटिस हो गया। उसी में लिखते हंै अगर करना है कंजंक्टिवाइटिस से बचने का उपाय तो नैन-मटक्का से दूरी बनाएं.