प्रयागराज (ब्यूरो)। गुरुवार को शहर पश्चिमी सीट से भाजपा उम्मीदवार निवर्तमान कैबिनेट मिनिस्टर सिद्धार्थनाथ सिंह पर हमले की कथित कहानी सामने आयी थी। यह न्यूज ब्रेक हुई तो एसएसपी और एसपी सिटी दोनों ने सफाई दी थी कि कोई हमला नहीं हुआ है। कथित हमलावर को आन द स्पॉट पकड़ लिया गया था। बताया गया कि वह खुद जान देने की कोशिश कर रहा था। किसी की जान लेना उसका मकसद नहीं था। इसके बाद भी उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया। हिमांशु दुबे मूल रूप से जौनपुर जिले का रहने वाला है। उसके खिलाफ तहरीर निवर्तमान मंत्री के पीएसओ संतोष कुमार कुशवाहा ने धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। पुलिस ने किस 'प्रेशरÓ में यह मुकदमा लिखा? इसे लेकर गुरुवार रात से ही चर्चा गरम रही।
जिन्न की तरह प्रकट हुआ ब्लेड
यह घटना ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भाजपा प्रत्याशी के केंद्रीय कार्यालय के समीप गुरुवार को दिन में हुई थी। भाजपा प्रत्याशी का नामांकन जुलूस निकलने वाला था। इसी दौरान उनके पीछे से एक युवक बगल में आकर खड़ा हो गया। कुछ देर तक भाजपा और मंत्री जिंदाबाद का नारा लगाता रहा। उसने प्रत्याशी के कान में कुछ कहने की भी कोशिश की। आश्चर्यजनक है कि तब तक उसकी मौजूदगी पर किसी को एतराज नहीं था। उसने जेब से एक पैकेट निकला और उसे फाडऩे लगा तो सुरक्षाकर्मी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे दबोच लिया। सर्जिकल ब्लेड भी जिन्न की तरह प्रकट हो गया। इसके बाद निवर्तमान मंत्री पर हमले की कोशिश और गिरफ्तारी की न्यूज फ्लैश हो गयी। बाद में इंस्पेक्टर धूमनगंज अनूप सिंह उसे पकड़ थाने ले आए।
'सेवाÓ देने पर भी नहीं मिला मेवा
पुलिस की पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि वह एलनगंज में किराए पर कमरा लेकर रहता है। उसका जो बयान पुलिस ने रिकॉर्ड किया है उसके मुताबिक उसने खादी ग्रामोद्योग से लोन के लिए आवेदन किया था। लोन पास कराने के लिए उसने कुछ 'सेवाÓ की डिमांड भी पूरी कर दी थी। इसके बाद भी उसका लोन पास नहीं हुआ था। भाजपा प्रत्याशी इसी विभाग के मंत्री थे तो वह चाहता था कि उसका लोन पास हो जाय। इसके लिए वह पहले भी मंत्री की गाड़ी के आगे लेट जाने की हरकत भी कर चुका था। हिमांशु का कहना था कि वह जान देने बिल्कुल नहीं आया था। वादा याद दिलाने आया था ताकि काम हो जाए। इतने पर उसे खलनायक बना दिया गया। उधर, हिमांशु के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ तो उसकी निवर्तमान मंत्री के साथ तमाम तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। कुछ लोगों ने तो निवर्तमान मंत्री के पूरे प्रोग्राम का लिंक तक सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।
वह हमले की कोशिश से इन्कार कर रहा है। उसने कहा कि वह मंत्री के साथ लंबे समय से जुड़ा था। उसके पास से बरामद सल्फास को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
अनूप सिंह
इंस्पेक्टर धूमनगंज