ऊर्जा प्रदेश में पावर कट
- डिमांड और खपत में दोगने से अधिक का अंतर
- नदियों का जल स्तर कम होने से थमी बिजली उत्पादन की रफ्तार
पांच-पांच घंटे पावर कट
ठंड बढऩे के साथ ही प्रदेश में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। उत्पादन गिरने के कारण ऊर्जा निगम के पास विद्युत उपलब्धता भी घट गई है। महंगी बिजली खरीदने के बाद भी ऊर्जा निगम बिजली की डिमांड पूरी नहीं कर पा रहा है, जिससे ऊर्जा निगम शहरों में दो और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच-पांच घंटे तक पावर कट कर रहा है। यदि बारिश नहीं हुई, तो लोगों को और अधिक बिजली संकट से गुजरना पड़ सकता है।
उत्पादन और मांग में 5 गुना अंतर
राज्य में इन दिनों बिजली की डेली खपत 48 मिलियन यूनिट से ऊपर है। जबकि राज्य और सेंट्रल पूल से 25 एमयू बिजली मिल रही है। 15 मिलियन यूनिट बिजली केंद्र से आवंटित अंश है और 10.07 मिलियन यूनिट राज्य के जल विद्युत परियोजनाओं का उत्पादन है। कुल उपलब्धता और खपत में तकरीबन 13 एमयू से अधिक का अंतर है। इसमें कुछ बिजली दूसरे राज्यों से खरीदी जा रही है। बाकी समय बिजली की कटौती की जा रही है।
घरेलू के साथ ही कॉमर्शियल कंज्यूमर्स पर भी बिजली संकट की मार पड़ रही है। खासकर उद्योगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरियाज में बिजली कटौती किए जाने से 500 करोड़ का लगभग नुकसान हुआ है। हालांकि ऊर्जा निगम का दावा है कि इंडस्ट्रीज को बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है।
स्टेट में पावर प्रोडक्शन
प्रोजेक्ट का नाम प्रोडक्शन (एमयू)
छिबरो 0.931
खोदरी 0.465
ढकरानी 0.201
ढालीपुर 0.339
कुल्हाल 0.242
तिलोथ .682
धरासू 1.143
चीला 2.032
रामनगर 2.869
खटीमा 0.553
पथरी 0.350
मोहम्मदपुर 0.187
गलोगी 0.015
दुनाऊ 0.009
पिलंगांव 0.026
उर्गम 0.052
कार्लीगंगा-1 0.026
व्यासी 0.362
कार्लीगंगा-2 0.043
टोटल 10.733
आंकड़े कहते हैैं
- यूजेवीएनएल ने पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक 425.644 मिलियन यूनिट ज्यादा पावर प्रोडक्शन किया है।
- वित्तीय वर्ष 2021-22 में निगम की परियोजनाओं ने 3775.681 एमयू बिजली उत्पादित की।
- 2022-23 में नवंबर तक 4201.325 एमयू बिजली का उत्पादन कर लिया था, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 425.644 एमयू अधिक है।
एमएल प्रसाद, डायरेक्टर ऑपरेशन, यूपीसीएल
बारिश की वजह से पावर प्रोडक्शन घट गया है। नदियों का जल स्तर काफी कम हो गया है। पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक जनरेशन हुआ है। बिजी परियोजनाओं से अधिक से अधिक उत्पादन के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुरुषोत्तम सिंह, डायरेक्टर ऑपरेशन, यूजेवीएनएल
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