एप्रोच रोड की दोंनों दीवारें होंगी कनेक्ट
- रायपुर-थानो मार्ग पर भोपालपानी पुल की मरम्मत को दो विकल्प पर काम शुरू
- जल्द पुल के एप्रोच रोड की मरम्मत कर खामियां की जाएगी दूर
पुल की दीवारों पर जाल से ट्रीटमेंट
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, पीडब्ल्यूडी, देहरादून के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एप्रोच रोड की दरार से करीब 28 मीटर हिस्सा प्रभावित होता दिख रहा है। इसे दुरुस्त करने के लिए एप्रोच रोड की दीवार को बाहर से सपोर्ट देने के साथ ही दोनों तरफ की एप्रोच रोड को आपस में जोडऩे के विकल्प पर मंथन किया जा रहा है। दीवार को सपोर्ट देने के विकल्प पर बाहर से जाल आदि के माध्यम से सुदृढ़ीकरण पर विचार किया जा रहा है। वहीं, दोनों तरफ की एप्रोच रोड को आपस मे जोडऩे के लिए जमीन के भीतर से एंगल आदि से सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा। शीघ्र ही किसी एक विकल्प को अपनाकर एप्रोच रोड की खामी दूर कर दी जाएगी।
रायपुर-थानो रोड पर तीन-चार साल पहले 3 पुलों का निर्माण किया गया है। इस मार्ग पर पुलों की एप्रोच रोड को लेकर बार-बार दिक्कत सामने आ रही है। लिहाजा, इस बार सभी पुलों का परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की खामी सामने आने पर उसे समय पर दूर किया जा सके। फिलहाल पुल को दरार से कोई खतरा नहीं है। जैसा की मुख्य अभियंता की जांच में कहा गया है। एक्सईएन जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दीवार की सेफ्टी के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही मरम्मत कर पुल को यातायात के लिए खोला जाएगा।
अतिरिक्त निर्माण की जरूरत नहीं: चीफ इंजीनियर
चीफ इंजीनियर एनएच पीडब्ल्यूडी प्रमोद कुमार ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें अतिरिक्त निर्माण की जरूरत नहीं है। रेत-बजरी से भारी भरकम वाहनों के दिन-रात पुल से गुजरने से पुल के एप्रोच रोड पर इस तरह का धंसाव होना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सड़क पर गड्ढे हो जाते हैं उसी तरह एप्रोच रोड पर धंसाव होता है। यह बेहद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। दरार से पुल को कोई खतरा पैदा नहीं हुआ है। पुल पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित है।
जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, एनएच खंड, देहरादून
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