वुमेन सेफ्टी के ढेरों एप पुलिस भी यूज करने की दे रही सलाह फोन में कई ऐसे फंक्शन हैं जो आपकी हेल्प तब करते हैं जब आप किसी मुश्किल में फंस गए हों


वाराणसी (ब्यूरो)महिलाओं के साथ राह चलते छेड़खानी के मामले अब आम हो गए हैं। ऐसी स्थिति में महिलाएं खुद को कैसे सुरक्षित रखें। अक्सर पुलिस को फोन करने तक का टाइम भी उनके पास नहीं होता। ऐसी स्थिति में आपके हाथ में ही आपकी सुरक्षा होती है। दरअसल, फोन में कई ऐसे फंक्शन हैं, जो आपकी हेल्प तब करते हैं, जब आप किसी मुश्किल में फंस गए हों। इसके लिए आपको अपने फोन में ज्यादा कुछ करने की जरूरत भी नहीं है। बस अपने फोन की साइड बटन को तेजी से दबाना होता है और एक सेकेंड में आपकी कॉल पुलिस के पास चली जाएंगी।

आईओएस का करें यूज

सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन में एक ऐसा फीचर होता है, जिससे लड़कियां अकेले में अपनी सुरक्षा कर सकती हैं। इमरजेंसी एसओएस आईओएस एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मिलने वाला एक फीचर है। इस फीचर में आपको इमरजेंसी सिचुएशन में बिना फोन को अनलॉक किए भी सेकेंडों में कॉल कर सकते है। यानी आप इसमें जिस नंबर को एड करोगे। उस नंबर पर कॉल चली जाएगी। आप इसमें अपनी फैमिली, पुलिस और अपने किसी दोस्त का नंबर भी एड कर सकती हैं। आप जिस किसी का भी नंबर एड करेंगे, उनके पास आपकी लोकेशन भी चली जाएगी।

बटन दबाते ही पुलिस को मिलेगी लोकेशन

एडीसीपी ममता रानी ने बताया, खुद को सेफ रखने के लिए फोन बहुत काम की चीज है। लड़कियों को अपने फोन पर रक्षा एप जरूर रखना चाहिए। यह एक बटन से लैस एप है, जो घटना की स्थिति में यूूजर की फैमिली को उसकी करंट लोकेशन के साथ अलर्ट भेजता है। इसमें यूजर्स उन कॉन्टेक्ट को सेलेक्ट कर सकता है, जो लोकेशन को देखने में सक्षम होंगे। इसके अलावा ये एप इस तरह से काम करने के लिए भी डिजाइन किया गया है कि भले ही यूजर का फोन स्विच ऑफ हो या नॉन ऑपरेटिव मोड में हो तब भी यूजर अपनी फैमिली और पुलिस को केवल तीन सेकेंड के लिए वॉल्यूम की दबाकर अलर्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही रक्षा एप में एसओएस फंक्शन भी है, जिससे अगर इंटरनेट या डाटा न हो तो भी एसएमएस भेजा जा सकता है।

वुमेन सेफ्टी एप का करें यूज

ये एप सेट किए गए नंबर पर आपकी करंट लोकेशन भेज देगा। एप मोबाइल फोन के फ्रंट और रियर कैमरे के इस्तेमाल से एक साथ दो फोटोज क्लिक कर सीधे सर्वर पर अपलोड करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यह एप किसी घटना की स्थिति में आपातकालीन संपर्कों को पैनिक अलर्ट भेजता है और साथ ही आवाज को भी रिकॉर्ड करता है। और जैसे ही आप पैनिक बटन पर क्लिक करेंगे। उस समय ये सेट किए गए नंबर पर फोटो शेयर करता है, जो पुलिस को भेजी जा सकती है।

फैक्ट एंड फीगर

142 केस जनवरी से लेकर अभी तक दुष्कर्म, शीलभंग और छेडख़ानी के दर्ज किए गए हैं।

23 केस शील भंग की धारा में दर्ज हुए।

17 केस रेप की धारा में दर्ज हुए।

23 केस छेडख़ानी के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए।

338 कंप्लेन छेड़खानी की महिला हेल्पलाइन में दो महीने में आईं।

238 कंप्लेन इनमें फोन और मेसेज के थ्रू परेशान किए जाने की आईं।

लड़कियों के पास हमेशा उनका फोन होता है। इसलिए अपनी सेफ्टी का ध्यान रखते हुए सुरक्षा एप को जरूर डाउनलोड करें। ये एप उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे।

ममता रानी, एडीसीपी महिला अपराध

Posted By: Inextlive