15 ई-बसें हुईं पैनिक बटन से लैस 300 कैब व टैक्सी में लगाने की तैयारी टूरिस्ट्स की सेफ्टी के लिए अगले साल तक दस हजार वाहनों में लग जाएंगे


वाराणसी (ब्यूरो)सिटी में आने वाले टूरिस्ट्स और महिलाओं की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए 15 ई-बसों में पैनिक बटन लगा दिया गया है। इसके साथ ही 300 कैब व टैक्सी में भी लगाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि अगले एक साल में दस हजार वाहनों को पैनिक बटन से लैस कर दिया जाएगा। इसकी खूबी ये होगी कि इसे दबाते ही पास के थाने या पुलिस पिकेट को सूचना पहुंच जाएगी और वहां तैनात पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच कर एक्शन लेंगे.

जीपीएस से होगा लैस

परिवहन अधिकारी शिखर ओझा का कहना है कि वाहनों में लगाए जा रहे पैनिक बटन जीपीएस सिस्टम से लैस है। कहीं भी कोई वाहन जाएगा पैनिक बटन दबाने पर संंबंधित थाने को सूचना मिल जाएगा कि कहां पर छेड़खानी हो रही है। व्हील लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस। यह डिवाइस के जरिए किसी भी वाहन की लोकेशन के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाएगी। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन किस क्षेत्र में है.

टूरिस्टों को मिलेगी सहूलियत

शहर में टूरिस्टों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में उनके साथ छेड़खानी व अभद्रता की शिकायतें हमेशा सुनने को मिलती है। कैब, बस टैक्सी में पैनिक बटन लगने के बाद यात्रा के दौरान टूरिस्टों के साथ छेड़खानी पर पकड़े जा सकेंगे। फिलहाल अभी ई बसों में पैनिक बटन को लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 15 ई बसों में लगाया गया है। जल्द ही सभी बसों में लगाया जाएगा। दस हजार वाहनों में अगले साल तक लगाने का लक्ष्य है.

बटन दबाते ही पहुंचेगी पुलिस

पैनिक बटन के जरिए यात्री आपातकाल या किसी भी विपरीत स्थित में मदद ले सकेंगे। पैनिक बटन दबाते ही यह सूचना केंद्रीय सर्वर के माध्यम से संबंधित नजदीकी थाने में पहुंच जाएगी और समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकेंगे। यह पैनिक बटन महिला यात्रियों को ले जाने वाली सभी बसों में अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा.

कैब, टैक्सी और ट्रैवलर में लगेंगे

ई बसों में पैनिक बटन लगाने के बाद टैक्सी वाहन, कैब, ट्रेवलर, बस व लोक परिवहन सेवा की बसों में भी जल्द ही लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी वाहन संचालकों की लिस्ट तैयार की जा रही है। जनवरी से 300 टैक्सी और कैब में पैनिक बटन लगाने का कार्य शुरू होगा.

गाड़ी खराब होते चलेगा पता

पैनिक बटन की यह खासियत है कि कहीं भी गाड़ी खराब होगी तो पता चल जाएगा। यही नहीं किसी भी महिला को सीट नहीं मिल रही है इसकी भी सूचना पैनिक बटन के जरिए मिल जाएगी। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि इससे वाहन लूट जैसे अपराधों में कमी आएगी वहीं अपराधियों को पकडऩे में भी मदद मिलेगी। वाहन कितनी गति में चल रहा है, कहां रूका और किस रूट पर जा रहा है। बस को जिस रूट पर परमिट जारी किया गया है, यदि वह रास्ता बदलती है तो अलर्ट मिल जाएगा.

पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों के लिए पैनिक बटन व व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस वाहनों में लगाया जा रहा है। जनवरी से कैब और टैक्सी में पैनिक बटन लगाने का कार्य शुरू होगा।

शिखर ओझा, आरटीओ

Posted By: Inextlive