165 दवा स्टॉकिस्ट पर जांच की आंच
वाराणसी (ब्यूरो)। शहर के 165 स्टॉकिस्टों पर जांच की तलवार लटक रही है। इनमें से 84 होलसेल कारोबारी हैं। यह सभी डमी फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार कर बिलिंग में हेराफेरी करते थे। इन स्टॉकिस्टों की जांच की गई तो 31 का लाइसेंस ड्रग विभाग ने निरस्त कर दिया है। 49 पर वैधानिक जांच की कार्रवाई जारी है। नशे के कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर ड्रग आयुक्त अनिता सिंह के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। डिपार्टमेंट की मानें तो इन कारोबारियों को दवा बेचने का ऐसा नशा चढ़ा था कि आज पूरा शहर नशीली दवाइयों के मामले में प्रदेश ही नहीं देश को भी पीछे छोड़ दिया है। हालात यह है कि वेस्ट बंगाल की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम पिछले एक हफ्ते से शहर में डेरा जमाए हंै। इसको लेकर दवा कारोबारियों में काफी हड़कंप मचा है.
नशे का करते थे कारोबार
ड्रग विभाग के अधिकारियों की मानें तो वाराणसी डिवीजन के 165 स्टॉकिस्ट जांच के दायरे में है। इनमें 84 स्टॉकिस्ट डमी फर्मे बनाकर करोड़ों का नशे का कारोबार किए। इसके बाद बीलिंग में हरोफेरी कर विभाग की आंख में धूल झोंकते थे। ड्रग विभाग की टीम ने सभी स्टॉकिस्टों की जांच की तो सभी में गड़बडिय़ां मिली। इस आधार पर जांच के दायरे में लिया गया है.
एबॉट के 46 स्टॉकिस्ट पर एक्शन
ड्रग विभाग एबॉट के 46 स्टॉकिस्टों के खिलाफ भी कार्रवाई करने जा रहा है। इन स्टॉकिस्टों ने जिनकी फर्में रन नहीं कर रही थी, उनको बिलिंग किया है और करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा किया है। ऐसे फर्म के खिलाफ ड्रग विभाग वैधानिक कार्रवाई करने जा रहा है। ड्रग विभाग के अधिकारियों की मानें तो स्टॉकिस्टों ने रुपए कमाने के लिए काफी गलत काम किए है.
6 महीने में धड़ाधड़ स्टॉकिस्ट बने
ड्रग विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर नरेश मोहन का कहना है कि पिछले छह महीने में स्टॉकिस्टों की बाढ़ सी आ गई है। अब तक 34 से अधिक स्टॉकिस्ट बनाए गए हैं। इन स्टॉकिस्टों की बिलिंग पर ड्रग विभाग की नजर है। वाराणसी में जिस प्रकार से नशीली दवाइयों की खेप पकड़ी गई, इसको लेकर पिछले कई दिनों से वेस्ट बंगाल की एनसीबी की टीम जांच में जुटी हुई है.
12 स्टॉकिस्टों का लाइसेंस निलंबित
नशीली दवा के कारोबार और बिलिंग में हेराफेरी करने पर ड्रग डिपार्टमेंट 12 एबॉट के स्टॉकिस्ट का लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। अन्य के खिलाफ भी निरस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। विभाग का कहना है कि इन लोगों ने उन फर्मों का भी बिल काटा है जो रनिंग में ही नहीं थी.
जौनपुर में 14 स्टॉकिस्ट टारगेट पर
जौनपुर में 14 स्टॉकिस्ट टारगेट पर हैं। इनमे से ड्रग विभाग ने नशे का कारोबार करने पर 4 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अन्य के खिलाफ जांच की कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा चंदौली के 1 स्टॉकिस्ट और 5 दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच की कार्रवाई की गई। पांचों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। स्टॉकिस्ट के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं गाजीपुर में 2 स्टॉकिस्ट को ट्रारगेट पर लिया गया।
पिछले छह महीने में स्टॉकिस्टों की बाढ़ सी आ गई है। सभी पर ड्रग विभाग की नजर है। कई स्टॉकिस्टों ने तो डमी फर्में बनाकर फर्जी बिलिंग काटकर करोड़ों का कारोबार किया है। ऐसे फर्मों के खिलाफ जांच की जा रही है.
नरेश मोहन, असिस्टेंट कमिश्नर, ड्रग विभाग