माननीयों को लेकर शासन सख्त रवैया अख्तियार करने जा रहा है. यूपी के बड़े सपा नेता आजम खां और कानपुर के सपा विधायक इरफान सोलंकी की बेनामी संपत्ति सामने आने के बाद शासन ने माननीयों की संपत्ति की जांच कराने का निर्णय लिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूपी के दो दर्जन से ज्यादा माननीयों की लिस्ट भी तैयार कर ली गई है. जिसमें इंटर कॉलेज से लेकर डिग्री कॉलेज नर्सिंग होम अपार्टमेंट कई फ्लैट्स लग्जरी गाडिय़ां आधा दर्जन से ज्यादा बैैंक अकाउंट रिश्तेदारों और परिवार वालों के नाम प्रापर्टी मेडिकल कॉलेज इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैैं. मूल जिले से बाहर की प्रापर्टी भी जांच में शामिल की गई है. 2023 के पहले हफ्ते में यूपी पुलिस की स्पेशल सेल इन्हीं प्वाइंट्स पर माननीयों की कुंडली खंगालने जा रही है. इसके लिए स्थानीय खुफिया इकाई एलआईयू से मदद मांगी गई है.

कानपुर (ब्यूरो) पुलिस सूत्रों की माने तो इस लिस्ट में शामिल कुछ माननीयों से जब इसकी जानकारी ली गई तो उन्होंने पैतृक संपत्ति होने की बात कही। इस पर स्पेशल सेल के ऑफिसर्स को तीन पीढिय़ों तक की संपत्ति का डिटेल कलेक्ट करने के लिए कहा गया है। योगी आदित्यनाथ की इस स्पेशल टीम में आईपीएस और आईएएस स्तर के ऑफिसर्स के साथ रेवेन्यू सर्विस के अफसर भी शामिल रहेंगे। कुछ रिटायर कर्मियों को भी इस टीम में शामिल किया गया है। स्पेशल सेल में महिला पुलिस अधिकारी भी टीम में रहेंगी। जिले की पुलिस को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

क्रिमिनल्स से कनेक्शन की तलाश भी
माननीयों के संपर्क में कौन-कौन लोग हैैं। कितने क्रिमिनल्स से उनके संपर्क में हैैं। यह सब गुप्त रूप से पता किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का भी सहारा लिया जाएगा। सूत्रों की माने तो आजम खां, इरफान समेत तमाम नेता चुनाव के दौरान नॉमिनेशन फार्म में अपनी संपत्ति कम दिखाते हैैं, जिसकी वजह से पारदर्शिता नहीं रह पाती है और शासन पर कई आरोप लगते हैैं। इस जांच से शासन को इन आरोपों से भी मुक्ति मिलेगी।

ये जांच करेगी स्पेशल टीम
- पिछले 25 सालों में परिवार की और माननीय की आय के क्या साधन रहे हैैं
- फैमिली मेंबर्सं की इनकम के क्या सोर्सेज हैैं और उनके नाम कितनी संपत्ति है
- जो संपत्ति अर्जित की गई है, उसके सोर्सेज क्या हैैं, किन मदों में कितनी संपत्ति खर्च की गई
- माननीय का आचरण कैसा है, शासन और देश के प्रति उनका क्या नजरिया है
- अपने कार्यकाल में जनहित के कौन से काम कराए हैैं, प्रशासन की नजर में छवि कैसी है
- दूसरे दलों के लोगों से कैसे संबंध हैैं, संपर्क में कौन-कौन लोग रहते हैैं

कई मामले सामने आने के बाद शासन के आदेश के बाद स्पेशल सेल का गठन किया गया है। जांच में पारदर्शिता रखी जाए, ऐसे आदेश दिए गए हैैं।
प्रशांत कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर

Posted By: Inextlive