गैस सब्सिडी के मोह में फंसे बरेली के माननीय
- सब्सिडी नहीं छोड़ने के पक्ष में बरेली के एमपी और एमएलए
- माननीयों का कहना सब्सिडी का पैसा गरीबों को नहीं पूंजीपतियों के हाथ में जाएगी BAREILLY: गैस सब्सिडी के छोड़ने क ा आह्वान भले ही प्रधानमंत्री ने किया है, लेकिन बरेली के ज्यादातर माननीय सब्सिडी का लाभ छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं, जो सब्सिडी छोड़ने के पक्ष में हैं भी वह गोल-मटोल बातें करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर देश के विकास में सहयोग के लिए कौन पहल करेगा। जनप्रतिनिधि आम पब्लिक के काफी करीब होते हैं, जो जनता क ो भी लीड करते हैं। 'स्क्रोल ऑफ ऑनर' से फिलहाल दूर माननीयों की क्या राय है यह जानने के लिए ट्यूजडे को आई नेक्स्ट ने डिस्ट्रिक्ट के पूर्व सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य से बात की। क्या है इनकी राय आइए जानते हैं इनकी जुबानीगैस कनेक्शन ही नहीं तो
आई नेक्स्ट ने ट्यूजडे को बरेली डिस्ट्रिक्ट के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के विधायक, सांसद और विधान परिषद के सदस्य से बात की। सभी माननीयों ने अपने-अपने तर्क पेश किए। कुछ माननीयों का कहना था कि वर्तमान सरकार किस रूप में सब्सिडी वाले पैसे से गरीबों की मदद करेगी। इसका सरकार के पास कोई उल्लेख नहीं है। देश में अभी भी अधिकतर अंत्योदय और बीपीएल कार्ड धारकों के पास गैस कनेक्शन तक नहीं है। फिर सब्सिडी का लाभ इन गरीबों तक पहुंचाने का हवाला क्यों दिया जा रहा है।
किसका कर रहे इंतजार हालांकि, पीएम के समर्थन वाले कुछ माननीय ही गैस सब्सिडी छोड़ने की बात कही। लेकिन यह बात भी हवा हवाई लग रही है, क्योंकि सब्सिडी शुरू हुए एक महीना बीत गया है। लेकिन इन माननीयों ने अभी तक कागजी कार्यवाही तक पूरी नहीं कर सकी है। हालांकि पार्टी के समर्थन वाले अधिकतर लोग सब्सिडी छोड़ने की बात कह रहे है। अब आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा कि डिस्ट्रिक्ट के ये माननीय गैस सब्सिडी छोड़ कर अपना नाम 'स्क्रोल ऑफ ऑनर' के लिए दर्ज कराते हैं की नहीं। हम गैस सब्सिडी नहीं छोड़ रहे हैं। पूंजीपतियों को सहायता पहुंचाने की गवर्नमेंट की साजिश है। यह सारा पैसा अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को चला जाएगा। सब्सिडी का पैसा देश के विकास या फिर गरीबों को मिलने वाला नहीं है। प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसदमैंने सब्सिडी न लेने के लिए फार्म भर रखा है। बस फार्म एजेंसी को देने है। एक-दो दिन में फार्म जमा कर देंगे। गवर्नमेंट का यह प्रयास देश हित में है।
डॉ। अरुण कुमार, विधायक, बरेली शहर गैस सब्सिडी छोड़ना है। लेकिन अभी तक मेरा आधार कार्ड ही नहीं बन सका है। आधार कार्ड बनने के अप्लाई कर रखा है। जैसे ही कार्ड आता है। सब्सिडी न लेने के फार्म भरेंगे। राजेश अग्रवाल, विधायक, बरेली कैंट सरकार जिस गरीब को बचे हुए सब्सिडी के पैसे से लाभ पहुंचाने की बात कर रही है। उनके यहां अभी तक गैस कनेक्शन ही नहीं है। देश के अधिकतर लोगों के घरों में आज भी उपले और कोयले से खाना बन रहा है। सुल्तान वेग, विधायक, मीरगंज हमें इस संबंध में कुछ पता नहीं। बच्चे ही घर गृहस्थी का काम देखते हैं। उनको जो करना ही वहीं करेंगे। वही बताएंगे की गैस सब्सिडी का क्या करना है। डॉ। सियाराम सागर, विधायक, फरीदपुर भाई के नाम पर कनेक्शन है। वहीं यह सब देखता है। वैसे मैं उसे सब्सिडी छोड़ने के लिए कहूंगा। लोगों को भी स्वतंत्र रूप से आना चाहिए। धर्मपाल सिंह, विधायक, आंवलाहमनें तो सब्सिडी छोड़ रखा है। जब नॉन सब्सिडी वाला गैस क्क् सौ में था से बिना सब्सिडी वाले ही गैस ले रहे हैं। सब्सिडी न छोड़ने के लिए कागजी कार्यवाही भी कर लेंगे।
केसर सिंह, सदस्य, विधान परिषद
अभी तक मैंने सब्सिडी नहीं छोड़ी है। लेकिन, जल्द ही गैस सब्सिडी छोड़ देंगे। वैसे मेरे यहां पीएनजी कनेक्शन भी हैं। ज्यादातर इस्तेमाल पीएनजी का ही होता है। जो भी गैस आती है उसके सारे पैसे देते आ रहे है। विरेंद्र सिंह, विधायक, बिथरी चैनपुर