देश के पहले शिक्षा मंत्री माैलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। माैलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती देश में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

नई दिल्ली (एएनआई)। मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए ट्वीट किया कि वह एक महान चिंतक और विद्वान थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका प्रेरित करने वाली है। वह शिक्षा के क्षेत्र को लेकर बेहद गंभीर थे और उन्होंने समाज में भाईचारे को मजबूत करने के लिए काम किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री और भारत रत्न से सम्मानित मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती पर श्रद्धांजलि। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की शुभकामनाएं।

Tributes to Maulana Abul Kalam Azad on his Jayanti. A pathbreaking thinker and intellectual, his role in the freedom struggle is inspiring. He was passionate about the education sector and worked to further brotherhood in society.

— Narendra Modi (@narendramodi) November 11, 2021


अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस हर साल 11 नवंबर को मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है। देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की थी। उन्होंने नि:शुल्क शिक्षा, भारतीय शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किए।वह वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ शिक्षाविद, पत्रकार और लेखक थे। उन्होंने कई विषयों पर गंभीरता से लिखा है। मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को मक्का सऊदी अरब में पैदा हुए थे और 22 फरवरी, 1958 को हृदयाघात की वजह से उनका निधन हो गया था।

Posted By: Shweta Mishra