ये डिवाइस आपके स्मार्टफोन की बैट्री लाइफ बढ़ा देगी 100 गुना!
एक बार चार्ज करके हफ्तों तक यूज कर सकेंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप
वाशिंगटन (PTI)। अमरीका की मिसौरी यूनीवर्सिटी में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक की अगुआई वाली टीम ने एक ऐसी डिवाइस विकसित की है, जिसके दम पर तमाम डिजिटल डिवायसेस का बैट्री बैकअप 100 गुना तक बढ़ जाएगा। बता दें कि इस डिवाइस के इस्तेमाल से लैपटॉप से लेकर स्मार्टफोन और टैबलेट तक सभी की बैट्री क्षमता इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि लोग एक बार चार्ज करके अपनी डिवाइस को हफ्तों तक यूज कर पाएंगे। कैसे काम करेगी ये डिवाइसमिसौरी यूनीवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर डा दीपक सिंह की टीम ने एक ऐसा मैग्नेटिक मटीरियल डेवलप किया है, जिसमें सबसे जुदा और खास इलेक्ट्रॉनिक प्रॉपर्टीज मौजूद हैं। दरअसल इस टीम ने सिलिकान के एक छत्तेनुमा स्ट्रक्चर पर चुंबकीय मिश्र धातु वाला एक नेनोस्ट्रक्चर मटीरियल बनाया है। यह मटीरियल किसी नॉर्मल इलेक्ट्रिकल सेमीकंडक्टर की अपेक्षा सिर्फ एक दिशा में करेंट को फ्लो करता है। इस खासियत के कारण इलेक्ट्रिक प्रवाह और करेंट की बर्बादी नहीं होती, जैसा कि आमतौर पर हर एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस में होता है। कहने का मतलब यह है कि चुंबकीय डायोड नए चुंबकीय ट्रांजिस्टर और एम्पलीफायरों को इस तरह से मैनेज करता है कि मेन पावर सोर्स की कार्यक्षमता पहले से बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जो किसी डिवाइस की बैट्री लाइफ को 100 गुना तक बढ़ा सकता है। इस तकनीक की खास बात यह भी है कि कंप्यूटर प्रोसेसिंग में इलेक्ट्रिक करेंट की कम बर्बादी से डिवायसेस गर्म भी कम होंगी।
5 घंटे की बैट्री चार्जिंग काम कर सकेगी 500 घंटे की चार्जिंग के बराबरस्मार्टफोन या लैपटॉप की बैट्री पावर बढ़ाने वाली इस डिवाइस को लेकर रिसर्च टीम के हेड दीपक सिंह का कहना है कि इस डिवाइस के इस्तेमाल से स्मार्टफोन या लैपटॉप को 5 घंटे चार्ज करके उससे 500 घंटों के बराबर चार्जिंग का आनंद लिया जा सकेगा। हालांकि फाइनल यूज के लिए इस डिवाइस में अभी काफी कुछ करना बाकी है, लेकिन टीम को उम्मीद है कि डिवाइस बेहतर ढंग से काम करेगी।यह भी पढ़ें: ट्रोल करने वालों से अब कोई नहीं होगा परेशान! टि्वटर लाया है नया बेहतरीन समाधानGoogle सबको दे रहा है सचमुच का पर्सनल असिस्टेंट! जो आपकी ओर से करेगा मोबाइल कॉल और बातचीत भीअपना फोन बदल रहे हैं, तो फैक्टरी रीसेट से पहले जरूर कर लें ये काम, ताकि बाद में पछताना न पड़े